INDIANORWAY

IN YOUR SHOES – an Indo-Norwegian Writing Competition तुम्हारी नज़र से – भारत-नॉर्वे गल्पात्मक लेखन प्रतियोगिता I DINE SKO – SKJØNNLITTERÆR SKRIVEKONKURRANSE

तुम्हारी नज़र से


भारत-नॉर्वे गल्पात्मक लेखन प्रतियोगिता

लिखिये कोई ऐसा मज़मून जिसका इलाका नॉर्वे हो और पाईये एक मौका ख़ुद वहाँ जा कर  अपने लिखे को महसूस करने का. क्या आप अक्सर सोचते हैं कि ज़िंदगी कैसी होती है होगी दुनिया के दूसरे हिस्सों में? कि ज़िंदगी का एक पल, एक घंटा, एक दिन वहाँ के माहौल में किस कदर बदल जाता होगा? आपके पास मौका हैं एक दूसरे माहौल में ख़ुद को रखकर देखने का, दूसरों की ज़िंदगी को उनकी तरह महसूस करने की कोशिश का.

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3 comments on “तुम्हारी नज़र से

  1. छगन यादव
    May 23, 2012

    मैं आठवीं के इम्तेहान में मैरिट में आया था तो स्कूल वालों ने मुझे आठवीं की किताबें ईनाम में दी थीं। मैंने उन्हें आठ रूपए किलो के भाव से कबाड़ी को बेचा और चार बार पानी-पतासी खाई।

    • priyesh
      June 2, 2012

      KYAA BAAT HAI … GOOD SENSE OF HUMOUR

  2. angel
    June 21, 2012

    mai ak maire chote se city se belong karte hu…jb mai 2 saal ki the maire mom ki death ho gayi the.. jb mai apne friendz k ghar jate hu,unke mom jaise care karte hai muje bhut jealouse hote hai, aur sohte hu ki maire mom ki death kyu ho gayi? kya mai bhut buri hu jo bgvan ne maire sath aisa kiya

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This entry was posted on March 2, 2012 by .
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